फिल्म 'पार्टनर' के डायलॉग राइटर संजय छेल से ठगी, जांच में जुटी पुलिस

<p style="text-align: justify;">फिल्म निर्देशक और लेखक संजय छेल के साथ ऑनलाइन ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. जानकारी के मुताबिक, ठगों ने फर्जी आरटीओ चालान का बहाना बनाकर उनसे करीब 99,989 रुपये ले लिए. इस घटना के बाद संजय छेल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद अंबोली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ऑनलाइन ठगी का शिकार हुए संजय छेल</strong></p> <p style="text-align: justify;">मुंबई पुलिस के अनुसार, ये घटना 4 जुलाई को हुई, जब संजय छेल अपने घर खेरवाड़ी सोसायटी, चार बंगला, अंधेरी में थे. इस दौरान उन्हें दो अलग-अलग मोबाइल नंबरों से कॉल और मैसेज आए. कॉल करने वालों ने खुद को आरटीओ विभाग का अधिकारी बताया और कहा कि उनके नाम पर नया ट्रैफिक चालान जारी हुआ है. ठगों ने चालान से जुड़ा एक लिंक भेजा और तुरंत जानकारी भरने का दबाव बनाया. डर और उलझन में संजय छेल ने मोबाइल पर आए लिंक में जानकारी भर दी. इसके बाद उनके बैंक खाते से 99,989 रुपए ठगों के खाते में ट्रांसफर हो गए.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>मोबाइल नंबर और बैंक खातों की जांच जारी</strong></p> <p style="text-align: justify;">इस मामले में संजय छेल की शिकायत पर 29 अगस्त 2025 को अंबोली पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है. यह मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 318 (4) और आईटी एक्ट की धारा 66 (क) व 66 (ड) के तहत दर्ज हुआ है. अंबोली पुलिस ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल की मदद ली जा रही है. फिलहाल पुलिस उन मोबाइल नंबरों और बैंक खातों की जानकारी इकट्ठा कर रही है, जिनसे ठगी की गई, ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके और उन्हें गिरफ्तार किया जा सके.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>संजय का फिल्मी करियर</strong></p> <p style="text-align: justify;">संजय के फिल्मी करियर की बात करें तो उन्होंने 1993 में फिल्म इंडस्ट्री में अशुतोष गोवारिकर की फिल्म पहला नशा से शुरुआत की, लेकिन यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हो पाई. कुछ साल बाद, उन्होंने नीरज वोरा के साथ मिलकर हिट फिल्म रंगीला (1995) के डायलॉग लिखे. इसके बाद उन्होंने कई फिल्मों के लिए लेखक के रूप में काम किया, जिनमें कच्चे धागे (1999), फिर भी दिल है हिन्दुस्तानी (2000), पार्टनर (2007) और किस्मत कनेक्शन (2008) शामिल हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>निर्देशक के रूप में कदम रखा</strong></p> <p style="text-align: justify;" data-start="673" data-end="846">1999 में संजय ने निर्देशक के रूप में कदम रखा और फिल्म खूबसूरत बनाई, जो बॉक्स ऑफिस पर हिट साबित हुई, लेकिन उनकी अगली फिल्म क्या दिल ने कहा (2002) बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही.</p>

from Param Sundari Collection Day 2: 'सैयारा' के बाद 2025 में कोई रोमांटिक फिल्म ये नहीं कर पाई, जो 'परम सुंदरी' ने किया! https://ift.tt/EfsdNOg

Post a Comment

Please Select Embedded Mode To Show The Comment System.*

Previous Post Next Post